रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में युवा बाघ की मौत से वन विभाग में हड़कंप
मध्य प्रदेश के सागर जिले के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में एक युवा नर बाघ मृत पाया गया है, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। यह बाघ हाल ही में कान्हा टाइगर रिजर्व से स्थानांतरित किया गया था। प्रारंभिक जांच में क्षेत्रीय संघर्ष को मौत का कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
मानेगांव बीट में मिला शव
रिजर्व की मोहली रेंज के मानेगांव बीट के कोर क्षेत्र में 15 फरवरी की शाम बाघ मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण विस्तृत तलाशी नहीं हो सकी, जिसके बाद अगले दिन डॉग स्क्वॉड के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
युवा बाघ की गतिविधियों पर थी नजर
मृत बाघ की उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष बताई जा रही है। कॉलर आईडी के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पिछले कुछ दिनों से उसकी लोकेशन एक ही स्थान पर थी, जिससे टीम को संदेह हुआ।
मां से बिछड़ने के बाद दिया गया रिवाइल्डिंग ट्रेनिंग
वन विभाग के अनुसार, यह बाघ अप्रैल 2023 में अपनी मां से बिछड़ गया था। रेस्क्यू के बाद उसे शिकार और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल बनने की ट्रेनिंग दी गई। लगभग 35 महीने की रिवाइल्डिंग प्रक्रिया के बाद जनवरी में उसे रेडियो कॉलर लगाकर कोर एरिया में छोड़ा गया था।
टेरिटोरियल फाइट की संभावना
डीएफओ रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं। वयस्क नर बाघ अक्सर अपने क्षेत्र को लेकर आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे युवा बाघ की जान जा सकती है।
जांच के दौरान अवैध बिजली तार, करंट या जलस्रोत में जहर जैसे कोई संकेत नहीं मिले हैं, जिससे शिकार की आशंका कम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
बाघ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनल द्वारा रिजर्व परिसर में किया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत प्राकृतिक संघर्ष का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य कारण।
वन विभाग ने कहा है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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