रीवा में 40 वर्षों से अनवरत शिव बारात का भव्य आयोजन

रीवा: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रीवा में पिछले 40 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही शिव बारात की परंपरा इस वर्ष भी धूमधाम से संपन्न हुई। इस बार का मुख्य आकर्षण 31 फीट ऊंचा और 551 किलो वजनी भगवान शिव का त्रिशूल रहा, जिसने शिव भक्तों को अपनी ओर खूब आकर्षित किया।

भव्य शिव बारात का आयोजन

शिव बारात आयोजन एवं जनकल्याण समिति ने इस भव्य आयोजन का संचालन किया। इस चल समारोह में आदि शिव, आदि शक्ति, देवी काली और कई प्रसिद्ध शिवलिंग की झांकियों का प्रदर्शन किया गया। नगर भ्रमण के पश्चात विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर शिवधाम में विशाल त्रिशूल की स्थापना की गई।

शानदार झांकियों के साथ निकली शिव बारात

शिव बारात शहर के बैजू धर्मशाला से प्रारंभ हुई, जिसमें भव्य झांकियों के साथ ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के साथ बारात निकली। भोलेनाथ के भक्त भूत-पिशाच की वेशभूषा में नाचते-थिरकते शामिल हुए। शिव बारात के नगर भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

विशाल त्रिशूल बना आकर्षण का केंद्र

बारात में 551 किलो वजनी और 31 फीट ऊंचा त्रिशूल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस विशाल त्रिशूल को कोठी कम्पाउंड स्थित मनकामेश्वर शिवधाम में स्थापित किया गया।

शिव बारात का इतिहास और रिकॉर्ड

  • रीवा में पिछले 40 वर्षों से आयोजित हो रही शिव बारात का समापन पंचमठ आश्रम में किया जाता है।
  • वर्ष 2023 में 1100 किलो वजनी कढ़ाई में 5100 किलो का महाभोग तैयार कर इस आयोजन ने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया।
  • वर्ष 2024 में विश्व का सबसे बड़ा नगाड़ा बनाकर अयोध्या राम मंदिर में स्थापित किया गया, जिससे एक बार फिर रिकॉर्ड बना।

उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "रीवा में भव्य शिव बारात आयोजन का शुभारंभ करने का अवसर प्राप्त हुआ है। शिव बारात की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, और लोगों को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।"

शिव बारात आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा, "यह शिव की महिमा है कि प्रत्येक वर्ष यह आयोजन भव्यता के साथ होता है। यह आयोजन भगवान शिव और रीवा के नागरिकों को समर्पित है।"